गुरुवार, 30 नवंबर 2023

साल-ए-नौ (नया साल)

हरगिज़ न कोई लम्हा ग़म का तेरे पास आए,
इस साल-ए-नौ का हर दिन पल-छिन तुझे रास आए।
- इश्हाक 'अश्हर'

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